15 साल की उम्र में जिम करने से क्या होता है?HealthPlanet

Posted on Fri 3rd Mar 2023 : 16:52

Gym शुरू करने की सही Age क्या है?

13 साल की उम्र के बाद में आपको सभी एक्सरसाइज के बारे में पता चल जाता है. आपको अच्छी तरह से समज में आ जाता है.कि जिम क्या होती है. और 13 से 15 की उम्र में धीरे-धीरे एक्सरसाइज के बारे में सीख जाते हैं. और आपको इनके बारे में और ज्यादा जानकारी मिलना शुरू हो जाती है. आपको सभी चीजों का ज्ञान होना शुरू हो जाता है. जैसे कौन सी एक्सरसाइज किस बॉडी के पार्ट के लिए बनी है.

कौन सी एक्सरसाइज ज्यादा फायदेमंद है किस एक्सरसाइज से हमें नुकसान होता है किस एक्सरसाइज से हमारा शरीर ज्यादा ग्रोथ करता है. 13 से 15 साल की उम्र में एक अच्छी तरह से जिम लगाना शुरु कर सकते हैं. और उसके बाद आप 15 साल की उम्र होने के बाद थोड़ा हैवी जिम एक्सरसाइज करना भी शुरू कर सकते हैं. 13 लेकिन आपको ज्यादा सप्लीमेंट भी नहीं लेना है. और आप को अपना पूरा ध्यान फिर एक्सरसाइज के ऊपर ही लगाना है.

13 से 15 साल की उम्र में आप मशीन लोहे के डंबल रोड आदि से जिम लगा सकते हैं.फिर उसके बाद आप 15 साल की उम्र से लेकर 18 साल की उम्र में आपको जिम में पूरा ध्यान लगा देना चाहिए. और आप बॉडी को मेंटेन रख सकते हैं. और अपने बॉडी को बना सकते हैं और 15 साल की उम्र होने के बाद आप सप्लीमेंट भी ले सकते हैं. लेकिन आपको सिर्फ Creatine ले सकते हैं.

दूसरे सप्लीमेंट आपको 18 साल की उम्र के बाद ही लेनी चाहिए और 15 से 18 साल के बीच आपका शरीर बहुत ज्यादा ग्रोथ करता है. यहां पर आपको बहुत ही अच्छी तरीके से अपनी एक्सरसाइज के ऊपर ध्यान देने की जरूरत होती है.

कम उम्र में जिम करना ठीक नहीं, हो सकते हैं कई नुकसान

दुनियाभर के बाल रोग विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक बच्चे का पूर्ण शारीरिक विकास न हो, उसे जिम में हैवी ट्रेनिंग नहीं करनी चाहिए। बच्चों को 16 साल से पहले जिम नहीं जाना चाहिए। इससे पहले उन्हें आउटडोर स्पोट्र्स जैसे फुटबॉल, बास्केटबॉल, क्रिकेट, बैडमिंटन और एरोबिक्स करनी चाहिए। बच्चों को अपनी पसंद की एक्टिविटी जिमनास्टिक, साइकिल चलाना और जॉगिंग हफ्ते में तीन बार जरूर करनी चाहिए। जिमनास्टिक, रस्सी कूदना और रॉक क्लाइम्बिंग जैसी एक्टिविटी से मांसपेशियां और हड्डियां मजबूत होती हैं। एरोबिक्स से हृदय की गतिविधियां सामान्य रहती हैं और योगासन से शरीर में लचीलापन बढ़ता है। 16 साल से कम उम्र के बच्चों को जिम या कठोर मेहनत से बचना चाहिए। यह नुकसान पहुंचा सकती है। किशोरावस्था में रोजाना लड़कों को 52 ग्राम और लड़कियों को 46 ग्राम प्रोटीन लेना चाहिए।

टीनएजर्स यह करें -
14-17साल तक के किशोर जिम में कोई भी एक्टिविटी बिना ट्रेनर के न करें, क्योंकि गलत तरीके से व्यायाम करने से मसल्स और बोन इंजरी जैसी समस्या हो सकती है। जिम की बजाय इन्हें फुटबॉल, वॉलीबॉल, स्वीमिंग और डांस जैसी एक्टिविटीज में हिस्सा लेना चाहिए।

हाइट कम रह जाना -
हड्डियों में ग्रोथ प्लेट्स होती हैं, जो भारी वजन उठाने से नष्ट हो सकती हैं और इससे हाइट बढ़ना रूक जाती है। जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेने पर मेटाबॉलि क सिस्टम पर प्रभाव पड़ता है। शरीर में फैट जमा होने लगता है।

दिमाग पर जोर -
बॉडी बिल्डिंग के दौरान डाइटिंग करने से ना सिर्फ दिमाग की नसों को नुकसान होता है, बल्कि बच्चे को एनिमिया, हर्ट और किडनी संबंधी परेशानी हो सकती है।

हड्डियों का कमजोर होना -
स्टेरॉयड्स या बॉडी बनाने वाली दवाइयां लेने से हड्डियां कमजोर होती है। इसके साथ ही मसल्स की लेंथ कम होने की भी आशंका होती है।लिगामेंट्स पर बुरा असर-
इंस्ट्रक्टर की देखरेख के बिना जिमिंग करने से बच्चे की मांसपेशियों व हड्डियों को जोड़ने वाले लिगामेंट्स पर बुरा असर पड़ता है।

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